सुवर्णमुद्रा

सुवर्णमुद्रा:नुकतंच मी पुणे मराठी ग्रंथालयामधून शांता शेळके यांचं ’सुवर्णमुद्रा’ नावचे पुस्तक आणलं. त्यात छोट्या-छोट्या कविता, विचार, उतारे यांचे संकलन आहे. त्यातलेच काही वेचक इथे देत आहे!---------------------------------------------------------------------------------इशारा:तुम्ही जेव्हा उत्कट आनंदाच्या ऐन भरात असाल तेव्हा कुणालाही, काहीही वचन, आश्वासन देऊ नका आणि तुम्ही जेव्हा अत्यंत संतापलेले असाल तेव्हा कुणाच्या कसल्याही पत्राचे उत्तर देऊ नका- चिनी म्हण---------------------------------------------------------------------------------सुख:कुणी तरी... Continue Reading →

Advertisements

Create a free website or blog at WordPress.com.

Up ↑